देखो देखो कैसी बातें यहाँ की
देखो देखो जैसे मेरे इरादे
मेरे हुस्न के इलावा कभी दिल भी माँग लो ना
हाय पल में मैं पिघल जाऊँ हाँ
अब ऐसा ना करो कि दिल जुड़ ना पाए वापिस
तेरी बातों से बिखर जाऊँ हाँ
देखो देखो यह ज़माने से थक कर
फिर आते क्यों यहाँ करने आँखों में हो बारिश
और पूछो ना ज़रा मेरे दिन के बारे में भी
बस इतने में संभल जाऊँ हाँ
मेरी यह आँखो में आँखों में तो देखो
मेरी यह आँखों में आँखों में तो देखो
मेरी यह आँखों में आँखों में तो देखो
मेरी यह आँखों में आँखों में तो देखो
देखो देखो कैसी खींची लकीरें
चाहे भी दिल तो भी ना जीते
देखो देखो कैसी बातें यहाँ की